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दुबई के प्रिंस की छठी बेगम ने क्यों की बगावत, भागी लंदन


दुनिया के चुनिंदा सबसे अमीर परिवारों में एक दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़दूम की छठवीं पत्नी ने घर से भागने के बाद लंदन में कोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई है. 70 साल के शेख की पत्नी खुद भी एक रॉयल घराने से ताल्लुक रखती हैं. माना जा रहा है कि वे अपने साथ 31 मिलियन पाउंड के लगभग संपत्ति लेकर अपने दोनों बच्चों के साथ लंदन पहुंच गईं और वहीं रहते हुए कानूनी जंग का एलान कर दिया. प्रिंसेज ने फोर्स्ड मैरिज प्रोटेक्शन ऑर्डर के तहत मुकदमा दायर करते हुए अपनी सुरक्षा और अपने दोनों बच्चों की कस्टडी मांगी है.



कौन हैं राजकुमारी हया


राजकुमारी का पूरा नाम हया बिंत अल हुसैन है. वे जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह की सौतेली बहन भी हैं. पढ़ाई के लिए वे बचपन से ही जॉर्डन से बाहर रहीं. ब्रिटेन में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से हया ने राजनीति और दर्शन की पढ़ाई की. किसी भी राजसी घराने की तरह राजकुमारी हया के शौक भी रॉयल रहे. उन्हें बाज़ पालने का शौक था. इसके अलावा वे घुड़सवारी की भी खासी शौकीन रहीं. साल 2000 के ओलंपिक में इस प्रिंसेज ने घुड़सवारी के लिए अपने देश जॉर्डन का प्रतिनिधित्व किया. 70 साल के शेख भी घुड़सवारी का शौक रखते हैं और दोनों अक्सर रेस कोर्स में साथ-साथ नजर आया करते थे.



हया और शेख मोहम्मद की शादी साल 2004 में अमान में हुई थी. ये एक प्रेम विवाह था. दोनों की उम्र में लगभग 25 साल का फर्क है. वे साथ-साथ कई सार्वजनिक जगहों पर नजर आते रहे. खासकर घुड़दौड़ देखने के लिए या फिर तैराकी के लिए. स्थानीय मैगजीन Emirates Woman ने इस जोड़े के आपसी बॉन्ड की तारीफ करते हुए लिखा था कि ये परफेक्ट कपल हैं. बेहद ग्लैमरस हया सोशल वर्क करते हुए अक्सर नजर आती थीं.





ब्रेकअप की शुरुआत


दोनों की 11 और 7 साल की दो औलादें भी हैं. ऐसे में दोनों के बीच तनाव की कोई वजह सामने नहीं आई है. हालांकि कयास ये लगाए जा रहे हैं कि शेख की 33-साल की बेटी शेख लतीफा उनके बीच तनाव की वजह है. शेख की दूसरी पत्नी की ये औलाद भी कुछ वक्त पहले घर से भागने की कोशिश कर चुकी है. हालांकि अमीराती सीमा पर पकड़ लिया गया. पिछले साल मार्च में ही लतीफा एक लंबे वीडियो में नजर आईं. इस वीडियो में वो खुद पर लगी कड़ी पाबंदियों का जिक्र कर रही थीं. साथ में उन्होंने ये भी कहा कि वे दुबई में नहीं रहना चाहतीं.



बेटी के मामले में दिया दखल


वे आखिरी बार साल के अंत में आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति मैरी रॉबिन्सन के साथ दिखी थीं, जिसके बाद से वे कहीं नहीं दिखीं. बता दें कि रॉबिन्सन प्रिंसेज हया की अच्छी दोस्त हैं. प्रिंसेज के कहने पर ही रॉबिन्सन दुबई आई थीं और लतीफा से सारे मामले पर बात की थी. इसके बाद आयरिश रेडियो में अपनी बात रखते हुए रॉबिन्सन ने लतीफा की खराब हालत और हो रहे शोषण पर कहा था- एक लड़की को शोषण से छुटकारा मिल सके, इसके लिए मैं कुछ भी करूंगी. माना जा रहा है कि इसके बाद से ही शेख अपनी इस पत्नी से खफा थे.



राजकुमारी हया (दाएं) अपने पति शेख और बेटी के साथ


किसलिए चुना ब्रिटेन को


तमाम दुनिया छोड़कर राजकुमारी हया ने ब्रिटेन को क्या चुना, इसकी भी कई वजहें हैं. राजकुमारी की स्कूली और उच्चशिक्षा भी यहीं से हुई. ऑक्सफोर्ड ग्रेजुएट इस प्रिंसेज के ब्रिटिश क्ववीन और उनके उत्तराधिकारियों से भी काफी अच्छी दोस्ती है. कई ऐसी तस्वीरें भी मौके-बेमौके आती रही हैं, जिनसे राजकुमारी और ब्रिटिश क्वीन के बीच अच्छे ताल्लुकात दिखते हैं.



हैं आलीशन रहन-सहन की आदी


ब्रिटेन के रहन-सहन और कल्चर को समझने और उसी अंदाज में जीने वाली राजकुमारी ने केनजिंगटन पैलेस में एक घर भी लिया है, जिसकी कीमत $107 million बताई जा रही है. ये इलाका शानो-शौकत से रहने वालों के लिए जाना जाता है. हालांकि शेख के भी ब्रिटेन से अच्छे ताल्लुकात रहे हैं. वे खुद यहां की सैन्य एकेडमी सैंडहर्स्ट से ग्रेजुएट हैं. यहां के राजघराने से भी उनके राजनैतिक और निजी संबंध अच्छे रहे हैं. ऐसे में पति-पत्नी के बीच ये हाई प्रोफाइल लड़ाई दो देशों के संबंधों तक भी आ सकती है. वैसे अब तक ब्रिटिश राजघराने की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.



ऑक्सफोर्ड ग्रेजुएट इस प्रिंसेज की ब्रिटिश क्वीन और उनके उत्तराधिकारियों से काफी अच्छी दोस्ती है


राजकुमारी हया की मांग पर सेंट्रल लंदन में हाईकोर्ट के फैमिली कोर्ट डिवीजन में मामले की सुनवाई शुरू हुई. मंगलवार को शुरू इस सुनवाई में राजकुमारी उपस्थित थीं लेकिन सऊदी के शेख नहीं आए. हया ने फोर्स मैरिज प्रोटेक्शन ऑर्डर की मांग की. इसके तहत जबरन शादी के मामले में मांगकर्ता को कानूनी सुरक्षा दी जाती है. इसके अलावा वे बच्चों की कस्टडी भी मांग रही हैं. इधर शेख ने बच्चों को वापस लौटने की मांग की है.



लड़ाई लंबी चल सकती है


यूएई के मौजूदा सिस्टम के अनुसार इस्लामिक कानून के तहत पुरुष अपनी पत्नी को आसानी से तलाक दे सकते हैं, वहीं औरतों को इसके लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी होती है. बच्चों के अधिकार के मामले में भी पिता को ही कानूनी गार्जियनशिप मिलती है और उनकी पढ़ाई या बाकी बड़े फैसले पिता ही ले सकता है. ऐसे में बागी प्रिंसेज की हक की ये लड़ाई दो या कई देशों के आर्थिक- राजनैतिक संबंधों पर असर डाल सकती है. इसमें ब्रिटेन के अलावा जॉर्डन भी शामिल है चूंकि इसे सऊदी किंग से आर्थिक मदद मिलती है.



इधर शेख सोशल मीडिया पर अरबी में लगातार दर्दभरे नगमे लिख रहे हैं, जिसे भागी हुई प्रिंसेज से जोड़कर देखा जा रहा है. प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार वे अपनी ताजा कविता में वे लिखते हैं- हमें एक ऐसा मर्ज है, जिसका इलाज कोई दवा नहीं कर सकती.

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