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बिहार में बाढ़ की इससे भयानक तस्वीर क्या होगी?



तस्वीरों का अपना प्रभाव होता है. कहते भी हैं-एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है. कहने का अर्थ कि हज़ार शब्द जितनी ताक़त एक तस्वीर में होती है. सही भी है. देश- दुनिया में घटने वाली हर बड़ी घटना की एक ऐसी तस्वीर होती ही है जिससे भविष्य में लोग उस दुर्घटना की भयावहता और गंभीरता को महसूस करते हैं. हाल ही में रिफ्यूजी बच्चे और उसके पिता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई थी जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था. ये तस्वीर अमरीका में शरण के लिए जा रहे एक पिता और बच्चे की थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

पिछले साल अगस्त में भी ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई थी. सात समंदर पार से एक बच्चे के रेत पर औंधे मुंह पड़े होने की एक तस्वीर आई थी. आते ही इंटरनेट पर फैल गई. वायरल हो गई. लोगों ने अपनी संवेदनाएं जताईं.
(फोटो:
Twitter)

लेकिन हुआ कुछ ख़ास नहीं. आज भी दुनिया के एक बड़े हिस्से में रिफ़्यूजी अपनी जान ख़तरे में डालकर समंदर पार कर रहे हैं.
सालभर पहले जिस तस्वीर ने कई लोगों को गहरे प्रभावित किया था. आज वैसी तस्वीर का किसी पर कोई ख़ासा प्रभाव नहीं है. होता तो आप अभी तक इस तस्वीर को देखकर दुखी हो चुके होते. सोशल मीडिया पर अपने ग़ुस्से का इजहार कर चुके होते. बिहार और केंद्र सरकार से जवाब मांग चुके होते.
देश में एक राज्य है. उसका नाम है-बिहार. वहां 'डबल इंजन’की सरकार है. अभी कुछ दिन पहले चमकी बुखार से 150 से ज़्यादा बच्चों की मौत हुई. लू लगने से दो सौ से ज़्यादा लोग मारे गए. फ़िलहाल राज्य में बाढ़ की वजह से 26 लाख लोग अपना घर-दुआर छोड़ कर सड़क किनारे शरण ले चुके हैं. सरकारी आकड़ों के मुताबिक़ 50 लोगों की मौत हो चुकी है.
फ़िलहाल जो जानकारी हमारे पास उपलब्ध है उसके मुताबिक़ ये बच्चा अकेला नहीं है. इसके साथ इसकी मां और चार भाई-बहन भी पानी में बहते हुए पाए गए हैं.पूरा परिवार बह गया है. इस बच्चे की बहन और मां को सुरक्षित बचा लिया गया. बच्चे की लाश मंगलवार दोपहर बरामद हुई थी. ये घटना मुज़्ज़फ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के शीतलपट्टी की है.
मुज़्ज़फ्फरपुर जिले में मीनापुर प्रखंड के शीतलपट्टी से मिला बच्चे का शव.

पिछले कुछ घंटो से ये मार्मक तस्वीर सोशल मीडिया पर घूम रही है। लोग इस बच्चे की मौत का अफ़सोस जता रहे हैं. अपना दुःख प्रकट कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर से इस फ़ोटो के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है. मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से उनके हवाई सर्वे करती हुई तस्वीरें शेयर हुई हैं.
ट्विटर पर भी इस घटना से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है.
स्थानीय अखबारों में इस घटना की वजहों को लेकर कुछ अटकलनुमा खबरें छपी हैं. लेकिन इनमें भी आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि बच्चा नदी में कैसे गिरा. छपी रिपोर्टों के मुताबिक मृतक बच्चे की मां बागमती नदी की एक उपनदी किनारे कपड़े धोने गई थी. तभी बच्चा नदी में गिर गया और तेज बहाव के चलते बह गया.
(फोटो -Twitter/@NitishKumar)

अधिकारियों के साथ बैठकें करती हुई तस्वीरें आई हैं लेकिन इस तस्वीर का मुख्यमंत्री तो छोड़िए, मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िलाधिकारी तक ने संज्ञान नहीं लिया है. ये है, बिहार में बहार का हाल और तथाकथित डबल इंजन की सरकार का चाल-व्यवहार!

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